Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.98.13: सोमकी की दूसरी पुत्री ज्योत्स्नाकाली नाम से प्रसिद्ध है और लक्ष्मी के समान ही रूप वाली है। उसने अदितिदेवी के ज्येष्ठ पुत्र सूर्यदेव को अपना श्रेष्ठ पति बनाकर स्वीकार कर लिया। 13॥   |   mahabharat अध्याय 5.98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.98.13 
ज्योत्स्नाकालीति यामाहुर्द्वितीयां रूपत: श्रियम्।
अदित्याश्चैव य: पुत्रो ज्येष्ठ: श्रेष्ठ: कृत: स्मृत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
सोमकी की दूसरी पुत्री ज्योत्स्नाकाली नाम से प्रसिद्ध है और लक्ष्मी के समान ही रूप वाली है। उसने अदितिदेवी के ज्येष्ठ पुत्र सूर्यदेव को अपना श्रेष्ठ पति बनाकर स्वीकार कर लिया। 13॥
 
Somaki's second daughter is famous by the name of Jyotsnakali and looks exactly like Lakshmi. He made Suryadev, the eldest son of Aditidevi, his best husband and accepted him. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)