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mahabharat 5.98.11: ये गोपियाँ वरुण के परम बुद्धिमान पुत्र हैं; अपने उत्तम स्वभाव, उत्तम आचरण और पवित्रता के कारण इनका विशेष स्थान है ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 5.98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.98.11 
एष पुत्रो महाप्राज्ञो वरुणस्येह गोपते:।
एष वै शीलवृत्तेन शौचेन च विशिष्यते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
ये गोपियाँ वरुण के परम बुद्धिमान पुत्र हैं; अपने उत्तम स्वभाव, उत्तम आचरण और पवित्रता के कारण इनका विशेष स्थान है ॥11॥
 
These gopatis are the most intelligent sons of Varuna; they hold a special place due to their good nature, good conduct and purity. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)