श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 97: कण्व मुनिका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए मातलिका उपाख्यान आरम्भ करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.97.9 
बलवानहमित्येव न मन्तव्यं सुयोधन।
बलवन्तो बलिभ्यो हि दृश्यन्ते पुरुषर्षभ॥ ९॥
 
 
अनुवाद
पुरुषरत्न सुयोधन! तुम यह मत मानो कि मैं सबसे बलवान हूँ; क्योंकि संसार में मुझसे भी बलवान पुरुष देखे जाते हैं।
 
Purusharatna Suyodhan! You should not believe that I am the strongest; Because in the world, even stronger men are seen. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)