vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 97: कण्व मुनिका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए मातलिका उपाख्यान आरम्भ करना
»
श्लोक 9
श्लोक
5.97.9
बलवानहमित्येव न मन्तव्यं सुयोधन।
बलवन्तो बलिभ्यो हि दृश्यन्ते पुरुषर्षभ॥ ९॥
अनुवाद
पुरुषरत्न सुयोधन! तुम यह मत मानो कि मैं सबसे बलवान हूँ; क्योंकि संसार में मुझसे भी बलवान पुरुष देखे जाते हैं।
Purusharatna Suyodhan! You should not believe that I am the strongest; Because in the world, even stronger men are seen. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×