श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 97: कण्व मुनिका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए मातलिका उपाख्यान आरम्भ करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.97.8 
स भवान् धर्मपुत्रेण शमं कर्तुमिहार्हति।
पाण्डवा: कुरवश्चैव पालयन्तु वसुंधराम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपको धर्मपुत्र युधिष्ठिर से संधि कर लेनी चाहिए। मैं चाहता हूँ कि पाण्डव और कौरव दोनों मिलकर इस पृथ्वी पर शासन करें।
 
King! You should make a treaty with Dharmaputra Yudhishthira. I want that both Pandavas and Kauravas should together rule this earth. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)