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न मे देवमनुष्येषु गुणकेश्या: समो वर:।
रूपतो दृश्यते कश्चिन्नागेषु भविता ध्रुवम्॥ २०॥
अनुवाद
उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, "देवी! मुझे देवताओं और मनुष्यों में गुणकेशी के लिए कोई भी सुंदर वर नहीं दिखाई दे रहा। नागलोक में अवश्य ही कोई न कोई ऐसा वर होगा जो उसके लिए उपयुक्त हो।"
He said to his wife, 'Devi! I do not see any handsome groom suitable for Gunakeshi among gods and humans. There must be someone suitable for her in the Nagaloka.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥