vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 96: परशुरामजीका दम्भोद्भवकी कथाद्वारा नर-नारायणस्वरूप अर्जुन और श्रीकृष्णका महत्त्व वर्णन करना
»
श्लोक 40
श्लोक
5.96.40
सुमहच्चापि तत् कर्म तन्नरेण कृतं पुरा।
ततो गुणै: सुबहुभि: श्रेष्ठो नारायणोऽभवत्॥ ४०॥
अनुवाद
इस प्रकार पूर्वकाल में एक महापुरुष ने महान् कार्य किया था। भगवान नारायण उससे अनेक गुणों में श्रेष्ठ हैं ॥40॥
In this manner, a great man had performed a great deed in the past. Lord Narayana is superior to him by many qualities. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×