Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.96.36-37: भूपाल! तुम नम्र, लोभरहित, अहंकाररहित, मनस्वी, बुद्धिमान, क्षमाशील, मृदुल और सौम्य होकर प्रजा का पालन करो। फिर कभी किसी पर आक्रमण मत करो, बिना दूसरों के बल को जाने। 36-37॥ | mahabharat अध्याय 5.96: परशुरामजीका दम्भोद्भवकी कथाद्वारा नर-नारायणस्वरूप अर्जुन और श्रीकृष्णका महत्त्व वर्णन करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भूपाल! तुम नम्र, लोभरहित, अहंकाररहित, मनस्वी, बुद्धिमान, क्षमाशील, मृदुल और सौम्य होकर प्रजा का पालन करो। फिर कभी किसी पर आक्रमण मत करो, बिना दूसरों के बल को जाने। 36-37॥
Bhupal! You should follow the people by being humble, greed-free, egoless, mindful, intelligent, forgiving, soft-natured and gentle. Never again attack anyone without knowing the strengths of others. 36-37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥