Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.95.46-47h: यदि हम पुत्र कुमार्ग पर जा रहे हैं, तो पिता होने के नाते हमें सही मार्ग पर लाना आपका कर्तव्य है। अतः आप स्वयं भी धर्म के सुन्दर मार्ग पर बने रहें और हमें भी धर्म के मार्ग पर लाएँ।॥46 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.95: कौरवसभामें श्रीकृष्णका प्रभावशाली भाषण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पित्रा स्थापयितव्या हि वयमुत्पथमास्थिता:॥ ४६॥
संस्थापय पथिष्वस्मांस्तिष्ठ धर्मे सुवर्त्मनि।
अनुवाद
यदि हम पुत्र कुमार्ग पर जा रहे हैं, तो पिता होने के नाते हमें सही मार्ग पर लाना आपका कर्तव्य है। अतः आप स्वयं भी धर्म के सुन्दर मार्ग पर बने रहें और हमें भी धर्म के मार्ग पर लाएँ।॥46 1/2॥
‘If we sons are going on the wrong path, then as a father it is your duty to set us on the right path. Therefore you yourself should stay on the beautiful path of Dharma and bring us also on the path of Dharma.’॥ 46 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥