श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 95: कौरवसभामें श्रीकृष्णका प्रभावशाली भाषण  »  श्लोक 19-21
 
 
श्लोक  5.95.19-21 
यत्र भीष्मश्च द्रोणश्च कृप: कर्णो विविंशति:।
अश्वत्थामा विकर्णश्च सोमदत्तोऽथ बाह्लिक:॥ १९॥
सैन्धवश्च कलिङ्गश्च काम्बोजश्च सुदक्षिण:।
युधिष्ठिरो भीमसेन: सव्यसाची यमौ तथा॥ २०॥
सात्यकिश्च महातेजा युयुत्सुश्च महारथ:।
को नु तान् विपरीतात्मा युद्धॺेत भरतर्षभ॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! जिस पक्ष में भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, कर्ण, विविंशति, अश्वत्थामा, विकर्ण, सोमदत्त, बाह्लिक, सिन्धुराज जयद्रथ, कलिंगराज, काम्बोजनरेश सुदक्षिण और युधिष्ठिर, भीमसेन, अर्जुन, नकुल-सहदेव, तेजस्वी सात्यकि और दक्ष युयुत्सु हैं; विपरीत बुद्धि वाला कौन सा राजा उस पक्ष के योद्धाओं से युद्ध कर सकता है? 19-21॥
 
Bharatshrestha! The side in which there are Bhishma, Dronacharya, Kripacharya, Karna, Vivinshati, Ashwatthama, Vikarna, Somdutt, Bahlik, Sindhuraj Jayadratha, Kalingaraj, Kambojanaresh Sudakshin and Yudhishthir, Bhimsen, Arjun, Nakul-Sahadeva, the brilliant Satyaki and the expert Yuyutshu; Which king with opposite intelligence can fight against the warriors of that side? 19-21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)