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mahabharat 5.94.4: तत्पश्चात् अनेक मधुर स्तोत्रों तथा मगध शंख और दुन्दुभियों की ध्वनि से भगवान श्रीकृष्ण जागने लगे॥4॥   |   mahabharat अध्याय 5.94: दुर्योधन एवं शकुनिके द्वारा बुलाये जानेपर भगवान‍् श्रीकृष्णका रथपर बैठकर प्रस्थान एवं कौरवसभामें प्रवेश और स्वागतके पश्चात् आसनग्रहण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधन एवं शकुनिके द्वारा बुलाये जानेपर भगवान‍् श्रीकृष्णका रथपर बैठकर प्रस्थान एवं कौरवसभामें प्रवेश और स्वागतके पश्चात् आसनग्रहण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.94.4 
ततस्तु स्वरसम्पन्ना बहव: सूतमागधा:।
शङ्खदुन्दुभिनिर्घोषै: केशवं प्रत्यबोधयन्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अनेक मधुर स्तोत्रों तथा मगध शंख और दुन्दुभियों की ध्वनि से भगवान श्रीकृष्ण जागने लगे॥4॥
 
Thereafter, many melodious recitatives and sounds of Magadh conch and Dundubhis started waking up Lord Krishna. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)