Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.94.30-32: जब श्रीकृष्ण निकट आये, तब उनके रथ की मेघ गर्जना के समान गम्भीर ध्वनि सुनकर समस्त राजा रोमांचित हो उठे। सभा के द्वार पर पहुँचकर समस्त यादवों के रत्न भगवान श्रीकृष्ण कैलाश शिखर के समान तेजस्वी रथ से उतरकर नवीन मेघ के समान श्याम तथा इन्द्र भवन के समान प्रकाशमान कौरव सभा में प्रवेश कर गये। | mahabharat अध्याय 5.94: दुर्योधन एवं शकुनिके द्वारा बुलाये जानेपर भगवान् श्रीकृष्णका रथपर बैठकर प्रस्थान एवं कौरवसभामें प्रवेश और स्वागतके पश्चात् आसनग्रहण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब श्रीकृष्ण निकट आये, तब उनके रथ की मेघ गर्जना के समान गम्भीर ध्वनि सुनकर समस्त राजा रोमांचित हो उठे। सभा के द्वार पर पहुँचकर समस्त यादवों के रत्न भगवान श्रीकृष्ण कैलाश शिखर के समान तेजस्वी रथ से उतरकर नवीन मेघ के समान श्याम तथा इन्द्र भवन के समान प्रकाशमान कौरव सभा में प्रवेश कर गये।
When Shri Krishna came near, all the kings were thrilled to hear the deep sound of his chariot like the roar of clouds. On reaching the door of the assembly, Lord Shri Krishna, the jewel of all the Yadavas, descended from the chariot which was as bright as the peak of Kailash and entered the Kaurava assembly which was as dark as a new cloud and as bright as the Indra Bhawan.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥