Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.94.1: वैशम्पायनजी कहते हैं - 'जनमेजय! उस समय तारों से सुशोभित वह शुभ रात्रि बहुत समय तक व्यतीत हो गई, जब बुद्धिमान श्रीकृष्ण और विदुर इस प्रकार वार्तालाप कर रहे थे।॥1॥ | mahabharat अध्याय 5.94: दुर्योधन एवं शकुनिके द्वारा बुलाये जानेपर भगवान् श्रीकृष्णका रथपर बैठकर प्रस्थान एवं कौरवसभामें प्रवेश और स्वागतके पश्चात् आसनग्रहण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - 'जनमेजय! उस समय तारों से सुशोभित वह शुभ रात्रि बहुत समय तक व्यतीत हो गई, जब बुद्धिमान श्रीकृष्ण और विदुर इस प्रकार वार्तालाप कर रहे थे।॥1॥
Vaishmpayana says: 'Janamejaya! At that time, that auspicious night, adorned with stars, had passed for a long time while the wise Sri Krishna and Vidur were conversing in this manner. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥