Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.93.21: जैसे क्रोधित सिंह के सामने अन्य पशु खड़े नहीं हो सकते, वैसे ही यदि मैं क्रोधित हो जाऊँ तो ये सब राजा मिलकर भी मेरा सामना नहीं कर सकेंगे ॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 5.93: श्रीकृष्णका कौरव-पाण्डवोंमें संधिस्थापनके प्रयत्नका औचित्य बताना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे क्रोधित सिंह के सामने अन्य पशु खड़े नहीं हो सकते, वैसे ही यदि मैं क्रोधित हो जाऊँ तो ये सब राजा मिलकर भी मेरा सामना नहीं कर सकेंगे ॥ 21॥
Just as other animals cannot stand before an enraged lion, similarly if I become angry then even all these kings together will not be able to face me. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥