Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.92.3: प्रभु! धृतराष्ट्रपुत्र मूर्ख दुर्योधन धर्म-शास्त्रों का भी पालन नहीं करता; वह सदैव अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहता है। उस दुष्टात्मा को सही मार्ग पर लाना असंभव है॥3॥ | mahabharat अध्याय 5.92: विदुरजीका धृतराष्ट्रपुत्रोंकी दुर्भावना बताकर श्रीकृष्णको उनके कौरवसभामें जानेका अनौचित्य बतलाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रभु! धृतराष्ट्रपुत्र मूर्ख दुर्योधन धर्म-शास्त्रों का भी पालन नहीं करता; वह सदैव अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहता है। उस दुष्टात्मा को सही मार्ग पर लाना असंभव है॥3॥
‘Prabhu! The foolish Duryodhan, son of Dhritarashtra, does not even obey the religious scriptures; he always maintains his stubbornness. It is impossible to bring that evil soul on the right path.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥