Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.92.1: वैशम्पायन कहते हैं - 'हे जनमेजय! रात्रि के समय जब भगवान श्रीकृष्ण भोजन करके विश्राम कर रहे थे, तब विदुरजी ने उनसे कहा - 'केशव! मुझे यह अच्छा नहीं लगता कि तुमने यहाँ आने का निश्चय किया। | mahabharat अध्याय 5.92: विदुरजीका धृतराष्ट्रपुत्रोंकी दुर्भावना बताकर श्रीकृष्णको उनके कौरवसभामें जानेका अनौचित्य बतलाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं - 'हे जनमेजय! रात्रि के समय जब भगवान श्रीकृष्ण भोजन करके विश्राम कर रहे थे, तब विदुरजी ने उनसे कहा - 'केशव! मुझे यह अच्छा नहीं लगता कि तुमने यहाँ आने का निश्चय किया।
Vaishmpayana says - 'O Janamejaya! At night when Lord Krishna was taking rest after having his meal, Vidurji said to him - 'Keshav! I do not think it is good that you decided to come here.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥