श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 91: श्रीकृष्णका दुर्योधनके घर जाना एवं उसके निमन्त्रणको अस्वीकार करके विदुरजीके घरपर भोजन करना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  5.91.37 
तानुवाच महातेजा: कौरवान् मधुसूदन:।
सर्वे भवन्तो गच्छन्तु सर्वा मेऽपचिति: कृता॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली मधुसूदन ने कौरवों से कहा, 'तुम सब लोग अपने घर जाओ; मैंने तुम्हारा पूरा आदर-सत्कार कर लिया है।'
 
Then the mighty Madhusudana said to the Kauravas, 'All of you go to your homes; I have received all the respect due to you.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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