श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 91: श्रीकृष्णका दुर्योधनके घर जाना एवं उसके निमन्त्रणको अस्वीकार करके विदुरजीके घरपर भोजन करना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  5.91.34 
निर्याय च महाबाहुर्वासुदेवो महामना:।
निवेशाय ययौ वेश्म विदुरस्य महात्मन:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
वहाँ से निकलकर महाबली एवं बलवान भगवान वासुदेव महात्मा विदुर के घर रहने के लिए चले गए ॥34॥
 
Coming out from there, the great and powerful Lord Vasudev went to the house of Mahatma Vidur to stay. 34॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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