श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 91: श्रीकृष्णका दुर्योधनके घर जाना एवं उसके निमन्त्रणको अस्वीकार करके विदुरजीके घरपर भोजन करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.91.28 
यस्तान् द्वेष्टि स मां द्वेष्टि यस्ताननु स मामनु।
ऐकात्म्यं मां गतं विद्धि पाण्डवैर्धर्मचारिभि:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जो पाण्डवों से द्वेष करता है, वह मुझसे भी द्वेष करता है और जो उनका अनुकूल है, वह मुझसे भी अनुकूल है। तू मुझे धर्मात्मा पाण्डवों के समान ही समझ॥ 28॥
 
Whoever hates the Pandavas hates me as well and whoever is favorable to them is favorable to me as well. You should consider me to be one with the righteous Pandavas.॥ 28॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd