श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 91: श्रीकृष्णका दुर्योधनके घर जाना एवं उसके निमन्त्रणको अस्वीकार करके विदुरजीके घरपर भोजन करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.91.19 
एवमुक्त: प्रत्युवाच धार्तराष्ट्रो जनार्दनम्।
न युक्तं भवतास्मासु प्रतिपत्तुमसाम्प्रतम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर दुर्योधन ने जनार्दन से कहा, "आपको हमारे साथ ऐसा अन्यायपूर्ण व्यवहार नहीं करना चाहिए।" ॥19॥
 
Hearing this, Duryodhana said to Janardana, "You should not behave so unfairly with us." ॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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