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mahabharat 5.91.10-11h: उस शय्या पर बैठे हुए भगवान गोविन्द शुद्ध सूर्य के समान तेजस्वी प्रतीत हो रहे थे। उस समय राजाओं सहित सभी कौरव उनके पास आकर बैठ गए।   |   mahabharat अध्याय 5.91: श्रीकृष्णका दुर्योधनके घर जाना एवं उसके निमन्त्रणको अस्वीकार करके विदुरजीके घरपर भोजन करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 91: श्रीकृष्णका दुर्योधनके घर जाना एवं उसके निमन्त्रणको अस्वीकार करके विदुरजीके घरपर भोजन करना  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  5.91.10-11h 
तत्र गोविन्दमासीनं प्रसन्नादित्यवर्चसम्॥ १०॥
उपासांचक्रिरे सर्वे कुरवो राजभि: सह।
 
 
अनुवाद
उस शय्या पर बैठे हुए भगवान गोविन्द शुद्ध सूर्य के समान तेजस्वी प्रतीत हो रहे थे। उस समय राजाओं सहित सभी कौरव उनके पास आकर बैठ गए।
 
Lord Govinda, sitting on that bed, appeared as radiant as the pure Sun. At that time all the Kauravas including the kings came and sat near him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)