Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.65-66: अर्जुन के जन्म के समय, जब मैं प्रसूति-कक्ष में थी, उस रात्रि आकाशवाणी ने मुझसे कहा था - 'हे प्रिये! तुम्हारा यह पुत्र समस्त पृथ्वी पर विजय प्राप्त करेगा। इसकी कीर्ति स्वर्ग तक फैलेगी। यह महायुद्ध में कौरवों का वध करके राज्य पर अधिकार करेगा, तत्पश्चात अपने भाइयों के साथ मिलकर तीन अश्वमेध यज्ञ करेगा।' | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन के जन्म के समय, जब मैं प्रसूति-कक्ष में थी, उस रात्रि आकाशवाणी ने मुझसे कहा था - 'हे प्रिये! तुम्हारा यह पुत्र समस्त पृथ्वी पर विजय प्राप्त करेगा। इसकी कीर्ति स्वर्ग तक फैलेगी। यह महायुद्ध में कौरवों का वध करके राज्य पर अधिकार करेगा, तत्पश्चात अपने भाइयों के साथ मिलकर तीन अश्वमेध यज्ञ करेगा।'
‘At the time of Arjuna's birth, when I was in the delivery room, that night a voice from the sky had said to me - 'O dear! This son of yours will conquer the whole earth. His fame will spread to the heavens. He will kill the Kauravas in a great war and take over the kingdom, then he will perform three Ashwamedha Yajnas with his brothers.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥