Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.59: परंतप माधव! मेरे बच्चों को अज्ञातवास में रहना पड़ा है और अब राज्य न मिलने के कारण उनकी जीविका भी बाधित हो गई है। मुझे अपने पुत्रों सहित ऐसा महान दुःख न सहना पड़े॥ 59॥ | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अज्ञातचर्या बालानामवरोधश्च माधव।
न मे क्लेशतमं तत् स्यात् पुत्रै: सह परंतप॥ ५९॥
अनुवाद
परंतप माधव! मेरे बच्चों को अज्ञातवास में रहना पड़ा है और अब राज्य न मिलने के कारण उनकी जीविका भी बाधित हो गई है। मुझे अपने पुत्रों सहित ऐसा महान दुःख न सहना पड़े॥ 59॥
Parantapa Madhava! My children have had to live in anonymity and now due to not getting the kingdom, their livelihood has also been obstructed. I should not have to undergo such great suffering along with my sons.॥ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥