Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.56: हे शत्रुओं का नाश करने वाले श्रीकृष्ण! क्या प्राचीनकाल के दुष्ट राजाओं द्वारा आरम्भ किया गया जुआ और शिकार का अभ्यास इन सब लोगों को सुखदायक सिद्ध हुआ है? (परन्तु कभी नहीं।)॥56॥ | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे शत्रुओं का नाश करने वाले श्रीकृष्ण! क्या प्राचीनकाल के दुष्ट राजाओं द्वारा आरम्भ किया गया जुआ और शिकार का अभ्यास इन सब लोगों को सुखदायक सिद्ध हुआ है? (परन्तु कभी नहीं।)॥56॥
O destroyer of enemies, Sri Krishna! Has the practice of gambling and hunting started by the evil kings of old proved to be pleasurable to all these people? (But never.)॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥