Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.49-50h: युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव मुझे द्रौपदी से ज़्यादा प्रिय नहीं हैं। द्रौपदी को दरबार में लाए जाने पर मुझे इससे ज़्यादा दुःख कभी नहीं हुआ। | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न प्रियो मम कृष्णाया बीभत्सुर्न युधिष्ठिर:।
भीमसेनो यमौ वापि यदपश्यं सभागताम्॥ ४९॥
न मे दु:खतरं किंचिद् भूतपूर्वं ततोऽधिकम्।
अनुवाद
युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव मुझे द्रौपदी से ज़्यादा प्रिय नहीं हैं। द्रौपदी को दरबार में लाए जाने पर मुझे इससे ज़्यादा दुःख कभी नहीं हुआ।
‘Yudhishthira, Bhima, Arjuna, Nakula and Sahadeva are not dearer to me than Draupadi. I never felt more sorrow than when I saw Draupadi being brought to the court.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥