Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.46: हाय! वह महान धनुर्धर, पराक्रमी योद्धा, युद्ध में निपुण और पाँच पतियों से युक्त, अग्नि के समान तेजस्वी द्रौपदीपुत्री श्रीकृष्ण भी अभागी हो गयीं। | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हाय! वह महान धनुर्धर, पराक्रमी योद्धा, युद्ध में निपुण और पाँच पतियों से युक्त, अग्नि के समान तेजस्वी द्रौपदीपुत्री श्रीकृष्ण भी अभागी हो गयीं।
Alas! That great archer, valiant warrior, skilled in war and blessed with five husbands, even that daughter of Draupadi, Krishna, who is as radiant as fire, has also become unfortunate.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥