Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.43: जनार्दन! द्रुपद की पुत्री कृष्णा मुझे अपने सभी पुत्रों से अधिक प्रिय है। वह कुलीन, अतुलनीय रूपवती और समस्त गुणों से संपन्न है॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनार्दन! द्रुपद की पुत्री कृष्णा मुझे अपने सभी पुत्रों से अधिक प्रिय है। वह कुलीन, अतुलनीय रूपवती और समस्त गुणों से संपन्न है॥ 43॥
Janardan! Drupada's daughter Krishna is dearer to me than all my sons. She is of noble family, incomparably beautiful and is endowed with all good qualities.॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥