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mahabharat 5.9.50: तब त्वष्ट्र ने कहा, 'इंद्र का वध करो।' ऐसा कहकर वृत्रासुर स्वर्गलोक चला गया। तत्पश्चात वृत्रासुर और इंद्र के बीच घोर युद्ध छिड़ गया।   |   mahabharat अध्याय 5.9: इन्द्रके द्वारा त्रिशिराका वध, वृत्रासुरकी उत्पत्ति, उसके साथ इन्द्रका युद्ध तथा देवताओंकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.9.50 
शक्रं जहीति चाप्युक्तो जगाम त्रिदिवं तत:।
ततो युद्धं समभवद् वृत्रवासवयोर्महत्॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
तब त्वष्ट्र ने कहा, 'इंद्र का वध करो।' ऐसा कहकर वृत्रासुर स्वर्गलोक चला गया। तत्पश्चात वृत्रासुर और इंद्र के बीच घोर युद्ध छिड़ गया।
 
Then Tvashtra said, 'Kill Indra.' On his saying so, Vritraasura went to heaven. Thereafter a huge war broke out between Vritraasura and Indra. 50.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)