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mahabharat 5.9.38: शल्य बोले: हे राजन! यह सुनकर उस समय बढ़ई ने महेन्द्र की आज्ञा से कुल्हाड़ी से त्रिशिरा के तीनों सिर टुकड़े-टुकड़े कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 5.9: इन्द्रके द्वारा त्रिशिराका वध, वृत्रासुरकी उत्पत्ति, उसके साथ इन्द्रका युद्ध तथा देवताओंकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.9.38 
शल्य उवाच
एतच्छ्रुत्वा तु तक्षा स महेन्द्रवचनात् तदा।
शिरांस्यथ त्रिशिरस: कुठारेणाच्छिनत् तदा॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
शल्य बोले: हे राजन! यह सुनकर उस समय बढ़ई ने महेन्द्र की आज्ञा से कुल्हाड़ी से त्रिशिरा के तीनों सिर टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
 
Shalya said: O King, on hearing this the carpenter at that time, as per Mahendra's orders, broke the three heads of the Trishira into pieces with an axe.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)