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mahabharat 5.9.31: इन्द्र बोले - बढ़ई! डरो मत। शीघ्र ही मेरी आज्ञा का पालन करो। मेरे आशीर्वाद से तुम्हारा फरसा वज्र के समान शक्तिशाली हो जाएगा।   |   mahabharat अध्याय 5.9: इन्द्रके द्वारा त्रिशिराका वध, वृत्रासुरकी उत्पत्ति, उसके साथ इन्द्रका युद्ध तथा देवताओंकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.9.31 
इन्द्र उवाच
मा भैस्त्वं शीघ्रमेतद् वै कुरुष्व वचनं मम।
मत्प्रसादाद्धि ते शस्त्रं वज्रकल्पं भविष्यति॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले - बढ़ई! डरो मत। शीघ्र ही मेरी आज्ञा का पालन करो। मेरे आशीर्वाद से तुम्हारा फरसा वज्र के समान शक्तिशाली हो जाएगा।
 
Indra said - Carpenter! Do not be afraid. Quickly obey my command. With my blessings, your axe will become as strong as a thunderbolt. 31.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)