श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 9: इन्द्रके द्वारा त्रिशिराका वध, वृत्रासुरकी उत्पत्ति, उसके साथ इन्द्रका युद्ध तथा देवताओंकी पराजय  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  5.9.19-20h 
सम्पूज्याप्सरस: शक्रो विसृज्य च महामति:॥ १९॥
चिन्तयामास तस्यैव वधोपायं युधिष्ठिर।
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! तब परम बुद्धिमान इन्द्र ने अप्सराओं को विदा किया और त्रिशिरा को मारने का उपाय सोचने लगे ॥19 1/2॥
 
Yudhisthira! Then the most wise Indra bid farewell to the Apsaras and started thinking of a way to kill Trishira. 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)