Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.9.11-12: हे सुन्दरी देवियों! तुम सब लोग उचित वस्त्र धारण करके, सुन्दर हारों से सुसज्जित, भावों से युक्त और सौन्दर्य से सुसज्जित होकर जगत को मोहित कर रही हो। तुम धन्य हो, मेरे भय को शान्त करो। हे गणिकाओं! मैं अपने को अस्वस्थ देख रहा हूँ, इसलिए असहाय हो! तुम मेरे इस महान भय को शीघ्र दूर करो।॥ 11-12॥ | mahabharat अध्याय 5.9: इन्द्रके द्वारा त्रिशिराका वध, वृत्रासुरकी उत्पत्ति, उसके साथ इन्द्रका युद्ध तथा देवताओंकी पराजय । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सुन्दरी देवियों! तुम सब लोग उचित वस्त्र धारण करके, सुन्दर हारों से सुसज्जित, भावों से युक्त और सौन्दर्य से सुसज्जित होकर जगत को मोहित कर रही हो। तुम धन्य हो, मेरे भय को शान्त करो। हे गणिकाओं! मैं अपने को अस्वस्थ देख रहा हूँ, इसलिए असहाय हो! तुम मेरे इस महान भय को शीघ्र दूर करो।॥ 11-12॥
‘Beautiful ladies! All of you, dressed in appropriate attire, adorned with beautiful necklaces, combined with gestures and decorated with beauty, entice the world. May you be blessed, calm my fear. O courtesans! I see myself unwell, so helpless ladies! You quickly dispel this great fear of mine.'॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥