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सत्कृतोऽसत्कृतो वापि न क्रुद्धॺेत जनार्दन:।
नालमेनमवज्ञातुं नावज्ञेयो हि केशव:॥ ८॥
अनुवाद
हे राजन! कोई श्रीकृष्ण का आदर करे या न करे, इससे वे क्रोधित नहीं होंगे। किन्तु वे कभी भी उपेक्षा के योग्य नहीं हैं, इसलिए कोई भी उनका अपमान या अवहेलना नहीं कर सकता।॥8॥
O King! Whether someone honours Shri Krishna or not, this will not anger him. But he is never worthy of being ignored; therefore, no one can insult or disregard him. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥