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mahabharat 5.88.13: इस समय मैंने जो महान कार्य करने का निश्चय किया है, उसे सुनो। पाण्डवों के सबसे बड़े आधार भगवान श्रीकृष्ण जब यहाँ आएंगे, तो मैं उन्हें पकड़ लूँगा।॥13॥   |   mahabharat अध्याय 5.88: दुर्योधनका श्रीकृष्णके विषयमें अपने विचार कहना एवं उसकी कुमन्त्रणासे कुपित हो भीष्मजीका सभासे उठ जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.88.13 
इदं तु सुमहत् कार्यं शृणु मे यत् समर्थितम्।
परायणं पाण्डवानां नियच्छामि जनार्दनम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इस समय मैंने जो महान कार्य करने का निश्चय किया है, उसे सुनो। पाण्डवों के सबसे बड़े आधार भगवान श्रीकृष्ण जब यहाँ आएंगे, तो मैं उन्हें पकड़ लूँगा।॥13॥
 
Listen to the great deed that I have decided to do at this time. I will capture Lord Krishna, the biggest support of the Pandavas, when he comes here.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)