पञ्च पञ्चैव लिप्सन्ति ग्रामकान् पाण्डवा नृप।
न च दित्ससि तेभ्यस्तांस्तच्छमं न करिष्यसि॥ ९॥
अनुवाद
नरेन्द्र! पाँचों बेचारे पाण्डव भाई आपसे केवल पाँच गाँव चाहते हैं; परन्तु आप उन्हें वे गाँव भी नहीं देना चाहते। इससे स्पष्ट है कि आप (संधि द्वारा) शान्ति स्थापित नहीं करेंगे॥9॥
Narendra! The five poor Pandava brothers want only five villages from you; but you do not want to give them even those villages. This clearly indicates that you will not establish peace (through treaty).॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥