Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.87.2: इस समय आप अपनी अंतिम अवस्था (वृद्धावस्था) में हैं। ऐसी स्थिति में आप जो कुछ भी कह रहे हैं, वह शास्त्रों या लौकिक तर्क के अनुसार सही है। इस स्थिर विचार के कारण आप वास्तव में स्थविर (वृद्ध) हैं।॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 5.87: विदुरका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्णकी आज्ञाका पालन करनेके लिये समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत् त्वमेवंगते ब्रूया: पश्चिमे वयसि स्थित:।
शास्त्राद् वा सुप्रतर्काद् वा सुस्थिर: स्थविरो ह्यसि॥ २॥
अनुवाद
इस समय आप अपनी अंतिम अवस्था (वृद्धावस्था) में हैं। ऐसी स्थिति में आप जो कुछ भी कह रहे हैं, वह शास्त्रों या लौकिक तर्क के अनुसार सही है। इस स्थिर विचार के कारण आप वास्तव में स्थविर (वृद्ध) हैं।॥ 2॥
At this time you are in your final stage (old age). In such a situation whatever you are saying is correct as per scriptures or worldly logic. Due to this stable thought you are actually a Sthavira (old).॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥