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mahabharat 5.87.11: परन्तु मैं तुमसे सत्य कहता हूँ; तुम धन देकर, अन्य किसी प्रयत्न से अथवा निन्दा करके भी कृष्ण को अर्जुन से अलग नहीं कर सकते ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 5.87: विदुरका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्णकी आज्ञाका पालन करनेके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 87: विदुरका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्णकी आज्ञाका पालन करनेके लिये समझाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.87.11 
न च वित्तेन शक्योऽसौ नोद्यमेन न गर्हया।
अन्यो धनंजयात् कर्तुमेतत् तत्त्वं ब्रवीमि ते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
परन्तु मैं तुमसे सत्य कहता हूँ; तुम धन देकर, अन्य किसी प्रयत्न से अथवा निन्दा करके भी कृष्ण को अर्जुन से अलग नहीं कर सकते ॥11॥
 
But let me tell you the truth; you cannot separate Krishna from Arjuna by giving money or by any other effort or by slander. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)