Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.86.8: इसके साथ ही मैं उसे स्वर्ण-कान्ति वाली सौ अत्यंत सुन्दर दासियाँ दूँगा, जिन्होंने कोई संतान उत्पन्न नहीं की है। मैं उसे दासियों की संख्या के बराबर दास भी दूँगा। | mahabharat अध्याय 5.86: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी अगवानी करके उन्हें भेंट देने एवं दु:शासनके महलमें ठहरानेका विचार प्रकट करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके साथ ही मैं उसे स्वर्ण-कान्ति वाली सौ अत्यंत सुन्दर दासियाँ दूँगा, जिन्होंने कोई संतान उत्पन्न नहीं की है। मैं उसे दासियों की संख्या के बराबर दास भी दूँगा।
Along with this I will give him a hundred extremely beautiful maids with golden lustre who have not given birth to any child. I will also give him slaves equal to the number of maids.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥