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mahabharat 5.86.3: भगवान माधव समृद्ध यादव कुल के पालक और रक्षक हैं। पितामह के पिता होने के कारण वे तीनों लोकों के परदादा हैं॥3॥   |   mahabharat अध्याय 5.86: धृतराष्ट्रका भगवान‍् श्रीकृष्णकी अगवानी करके उन्हें भेंट देने एवं दु:शासनके महलमें ठहरानेका विचार प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.86.3 
स्फीतस्य वृष्णिराष्ट्रस्य भर्ता गोप्ता च माधव:।
त्रयाणामपि लोकानां भगवान‍् प्रपितामह:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भगवान माधव समृद्ध यादव कुल के पालक और रक्षक हैं। पितामह के पिता होने के कारण वे तीनों लोकों के परदादा हैं॥3॥
 
Lord Madhava is the nurturer and protector of the prosperous Yadava clan. Being the father of the grandfather as well, he is the great grandfather of the three worlds.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)