Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.86.2: भगवान जनार्दन आहुकवंशी क्षत्रियों के अधिपति और समस्त सात्वतों (यादवों) के नायक हैं। उनका हृदय महान है, उनका पराक्रम भी महान है और वे महान सत्वगुण से संपन्न हैं। | mahabharat अध्याय 5.86: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी अगवानी करके उन्हें भेंट देने एवं दु:शासनके महलमें ठहरानेका विचार प्रकट करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान जनार्दन आहुकवंशी क्षत्रियों के अधिपति और समस्त सात्वतों (यादवों) के नायक हैं। उनका हृदय महान है, उनका पराक्रम भी महान है और वे महान सत्वगुण से संपन्न हैं।
Lord Janardan is the ruler of the Ahukvanshi Kshatriyas and the leader of all Satvatas (Yadavas). His heart is great, his bravery is also great and he is endowed with great Sattva Guna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥