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श्लोक  5.86.16 
नगरादपि या: काश्चिद् गमिष्यन्ति जनार्दनम्।
द्रष्टुं कन्याश्च कल्याण्यस्ताश्च यास्यन्त्यनावृता:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जो भी सती कन्याएं पर्दा नहीं करतीं और इस नगर से जनार्दन के दर्शन के लिए जाना चाहती हैं, वे जा सकती हैं।
 
Any virtuous girls who do not observe any veil and who wish to go from this city to see Janardana may do so.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)