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mahabharat 5.86.1: धृतराष्ट्र बोले- विदुर! मुझे सूचना मिली है कि भगवान श्रीकृष्ण उपप्लव्य से यहाँ के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। आज वे वृकस्थल में ठहरे हैं और कल प्रातःकाल इस नगर में पहुँचेंगे।   |   mahabharat अध्याय 5.86: धृतराष्ट्रका भगवान‍् श्रीकृष्णकी अगवानी करके उन्हें भेंट देने एवं दु:शासनके महलमें ठहरानेका विचार प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.86.1 
धृतराष्ट्र उवाच
उपप्लव्यादिह क्षत्तरुपायातो जनार्दन:।
वृकस्थले निवसति स च प्रातरिहैष्यति॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले- विदुर! मुझे सूचना मिली है कि भगवान श्रीकृष्ण उपप्लव्य से यहाँ के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। आज वे वृकस्थल में ठहरे हैं और कल प्रातःकाल इस नगर में पहुँचेंगे।
 
Dhritarashtra said—Vidur! I have been informed that Lord Krishna has left Upaplavya for here, today he is staying at Vrikasthal and will reach this city tomorrow morning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)