श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 85: दुर्योधनका धृतराष्ट्र आदिकी अनुमतिसे श्रीकृष्णके स्वागत-सत्कारके लिये मार्गमें विश्रामस्थान बनवाना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  5.85.17 
एतद् विधाय वै सर्वं देवार्हमतिमानुषम्।
आचख्यौ धृतराष्ट्राय राजा दुर्योधनस्तदा॥ १७॥
 
 
अनुवाद
राजा दुर्योधन ने मनुष्यों के लिए अत्यन्त दुर्लभ ये सब दिव्य व्यवस्थाएँ करके धृतराष्ट्र को इसकी सूचना दी ॥17॥
 
King Duryodhana, after making all these divine arrangements which are very rare for humans, informed Dhritarashtra about this. 17॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd