vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 85: दुर्योधनका धृतराष्ट्र आदिकी अनुमतिसे श्रीकृष्णके स्वागत-सत्कारके लिये मार्गमें विश्रामस्थान बनवाना
»
श्लोक 17
श्लोक
5.85.17
एतद् विधाय वै सर्वं देवार्हमतिमानुषम्।
आचख्यौ धृतराष्ट्राय राजा दुर्योधनस्तदा॥ १७॥
अनुवाद
राजा दुर्योधन ने मनुष्यों के लिए अत्यन्त दुर्लभ ये सब दिव्य व्यवस्थाएँ करके धृतराष्ट्र को इसकी सूचना दी ॥17॥
King Duryodhana, after making all these divine arrangements which are very rare for humans, informed Dhritarashtra about this. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×