Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.84.22: दारुक ने भी घोड़ों को खोलकर शास्त्र विधि से उनकी देखभाल की और उनका सारा सामान हटाकर उन्हें बंधन से मुक्त कर दिया और जाने दिया। | mahabharat अध्याय 5.84: मार्गके शुभाशुभ शकुनोंका वर्णन तथा मार्गमें लोगोंद्वारा सत्कार पाते हुए श्रीकृष्णका वृकस्थल पहुँचकर वहाँ विश्राम करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दारुक ने भी घोड़ों को खोलकर शास्त्र विधि से उनकी देखभाल की और उनका सारा सामान हटाकर उन्हें बंधन से मुक्त कर दिया और जाने दिया।
Daruk too untied the horses and took care of them according to the scriptures and removed all their equipment and freed them from bondage and let them go.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥