तव वाक्यानि दिव्यानि तथा तेषां च माधव॥ ७०॥
श्रोतुमिच्छाम गोविन्द सत्यानि च हितानि च।
अनुवाद
गोविन्द! माधव! उस सभा में आपके तथा भीष्म आदि के मुख से जो दिव्य, सत्य तथा हितकारी वचन निकलेंगे, उन्हें हम सुनना चाहते हैं।
Govind! Madhava! We wish to hear all the divine, truthful and beneficial words that will come from your mouth and those of Bhishma etc. in that assembly. 70 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥