Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.83.63-64: तत्पश्चात् भगवान मधुसूदन ने उन महर्षियों की वन्दना करके उनसे पुनः पूछा - 'महात्माओं! आपने सिद्धि कहाँ प्राप्त की है? यहाँ आपका मार्ग कौन-सा है? अथवा आपका कार्य क्या है? हे प्रभु! मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? आप किस उद्देश्य से इस पृथ्वी पर आये हैं?'॥ 63-64॥ | mahabharat अध्याय 5.83: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरको प्रस्थान, युधिष्ठिरका माता कुन्ती एवं कौरवोंके लिये संदेश तथा श्रीकृष्णको मार्गमें दिव्य महर्षियोंका दर्शन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् भगवान मधुसूदन ने उन महर्षियों की वन्दना करके उनसे पुनः पूछा - 'महात्माओं! आपने सिद्धि कहाँ प्राप्त की है? यहाँ आपका मार्ग कौन-सा है? अथवा आपका कार्य क्या है? हे प्रभु! मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? आप किस उद्देश्य से इस पृथ्वी पर आये हैं?'॥ 63-64॥
Thereafter, after worshipping those great sages, Lord Madhusudana again asked them - 'Mahatmas! Where have you attained siddhi? Which is your path here? Or what is your work? O Lord! What service can I do for you? For what purpose have you come to this earth?'॥ 63-64॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥