Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.83.43: शत्रुओं का नाश करने वाले श्रीकृष्ण! क्या वह समय कभी आएगा जब हमारे सारे दुःख दूर हो जाएँगे और हम दुःखी माता को सुख दे सकेंगे?॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 5.83: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरको प्रस्थान, युधिष्ठिरका माता कुन्ती एवं कौरवोंके लिये संदेश तथा श्रीकृष्णको मार्गमें दिव्य महर्षियोंका दर्शन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपि जातु स काल: स्यात् कृष्ण दु:खविपर्यय:।
यदहं मातरं क्लिष्टां सुखं दद्यामरिंदम॥ ४३॥
अनुवाद
शत्रुओं का नाश करने वाले श्रीकृष्ण! क्या वह समय कभी आएगा जब हमारे सारे दुःख दूर हो जाएँगे और हम दुःखी माता को सुख दे सकेंगे?॥ 43॥
Shri Krishna, the destroyer of enemies! Will that time ever come when all our sorrows will be dispelled and we will be able to give happiness to our mother who is in sorrow?॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥