श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 83: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरको प्रस्थान, युधिष्ठिरका माता कुन्ती एवं कौरवोंके लिये संदेश तथा श्रीकृष्णको मार्गमें दिव्य महर्षियोंका दर्शन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.83.20 
महिमानं तु कृष्णस्य भूय एवाभिवर्धयन्।
सुघोष: पतगेन्द्रेण ध्वजेन युयुजे रथ:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार गरुड़ से अंकित ध्वजा सहित वह रथ अत्यंत सुंदर लग रहा था, जिससे श्रीकृष्ण का महत्व और भी बढ़ गया। चलते समय उसके पहिये गहरी ध्वनि करते थे।
 
Thus that chariot was looking very beautiful with the flag marked with Garuda, increasing the importance of Shri Krishna even more. While moving its wheels made a deep sound.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)