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mahabharat 5.83.12: युयुधान! शंख, चक्र, गदा, तुरही, शक्ति तथा अन्य सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लाकर मेरे रथ पर रख दो।   |   mahabharat अध्याय 5.83: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरको प्रस्थान, युधिष्ठिरका माता कुन्ती एवं कौरवोंके लिये संदेश तथा श्रीकृष्णको मार्गमें दिव्य महर्षियोंका दर्शन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 83: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरको प्रस्थान, युधिष्ठिरका माता कुन्ती एवं कौरवोंके लिये संदेश तथा श्रीकृष्णको मार्गमें दिव्य महर्षियोंका दर्शन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.83.12 
रथ आरोप्यतां शङ्खश्चक्रं च गदया सह।
उपासंगाश्च शक्त्यश्च सर्वप्रहरणानि च॥ १२॥
 
 
अनुवाद
युयुधान! शंख, चक्र, गदा, तुरही, शक्ति तथा अन्य सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लाकर मेरे रथ पर रख दो।
 
Yyuudhan! Bring conch, disc, mace, trumpet, power and all other types of weapons and place them on my chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)