श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 82: द्रौपदीका श्रीकृष्णसे अपना दु:ख सुनाना और श्रीकृष्णका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  5.82.49 
सत्यं ते प्रतिजानामि कृष्णे बाष्पो निगृह्यताम्।
हतामित्राञ्श्रिया युक्तानचिराद् द्रक्ष्यसे पतीन्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
हे कृष्ण! अपने आँसू रोक लो। मैं तुम्हें सत्य वचन देता हूँ, तुम शीघ्र ही देखोगे कि तुम्हारे सभी शत्रु मारे गए हैं और तुम्हारे पति को राज्य की सम्पत्ति प्राप्त हो गई है।॥49॥
 
Krishna! Hold back your tears. I promise you with all sincerity, you will soon see that all the enemies have been killed and your husband is blessed with the wealth of the kingdom.'॥ 49॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि द्रौपदीकृष्णसंवादे द्वॺशीतितमोऽध्याय:॥ ८२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें द्रौपदी-कृष्णसंवादविषयक बयासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८२॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)