चलेद्धि हिमवाञ्छैलो मेदिनी शतधा फलेत्।
द्यौ: पतेच्च सनक्षत्रा न मे मोघं वचो भवेत्॥ ४८॥
अनुवाद
हिमालय अपने स्थान से हट जाए, पृथ्वी सैकड़ों टुकड़ों में टूट जाए और आकाश अपने तारों सहित गिर जाए, परन्तु मैं जो कह रहा हूँ, वह झूठ नहीं हो सकता॥ 48॥
‘The Himalayas may move from their place, the earth may break into hundreds of pieces and the sky along with its stars may fall down, but what I am saying cannot be false.॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥